सरकारी सेवाओं में पिछड़ा वर्ग की स्थिति पर रिपोर्ट तलब, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने मुख्य सचिव सार्वजनिक उपक्रमों व अस्थायी पदों में हिस्सेदारी का भी मांगा ब्योरा

सरकारी सेवाओं में पिछड़ा वर्ग की स्थिति पर रिपोर्ट तलब, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने मुख्य सचिव सार्वजनिक उपक्रमों व अस्थायी पदों में हिस्सेदारी का भी मांगा ब्योरा

 लखनऊ। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने प्रदेश सरकार से सरकारी सेवाओं में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी को लेकर रिपोर्ट तलब की है। शासन ने आयोग को जवाब देने के लिए विभाग स्तर से सूचनाएं जुटाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य कौशलेंद्र सिंह पटेल ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में सरकारी विभागों,


अधीनस्थ कार्यालयों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नियमित और अस्थायी सृजित पदों पर पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं। इसके अलावा रिक्त, भरे व बैकलॉग पदों की स्थिति और बैकलॉग की वजह भी पूछी है। शासन के एक अधिकारी ने बताया कि राजकीय सेवाओं में अनुसूचित जातियों, जनजातियों व अन्य पिछड़ा वर्गों के आरक्षण संबंधी आंकड़ों के संकलन का कार्य सार्वजनिक उद्यम विभाग कर रहा है। आयोग को 31 मई की स्थिति के अनुसार सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागों, निगमों, अधीनस्थ कार्यालयों से आंकड़े मांगे गए हैं। आयोग ने ये सूचनाएं मांगीं : सरकारी विभागों व सार्वजनिक उपक्रमों में समस्त पदों की संख्या, कुल स्वीकृत पद, कुल घोषित रिक्तियां, वास्तविक रूप से भरे पदों की संख्या, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कुल रिक्तियां, कुल भरे पद, कुल रिक्त पद, कितने पद जिनके लिए ओबीसी अभ्यर्थी उपयुक्त नहीं पाए गए, बैकलॉग के पदों की संख्या, बैकलॉग पद व ओबीसी कर्मियों की कमी की बजह।