प्रोविजनल रूप से चयनितों को नियुक्ति का अंतिम मौका

प्रोविजनल रूप से चयनितों को नियुक्ति का अंतिम मौका

 प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 47 के तहत विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर औपबंधिक (प्रोविजनल) रूप से चयनित अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन न कराने के कारण नियुक्तिपत्र नहीं मिल सके हैं और महाविद्यालयों में उनकी ज्वाइनिंग फंसी हुई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने ऐसे अभ्यर्थियों को एक अंतिम अवसर प्रदान करते हुए निर्देश जारी किए हैं कि संबंधित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) में अपने अभिलेखों का सत्यापन करा लें, ताकि वे आवंटित महाविद्यालयों में कार्यभार गृहण कर सकें।


विज्ञापन संख्या 47 के तहत विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती होनी है। समाजशास्त्र और शिक्षाशास्त्र को छोड़कर बाकी सभी विषयों के अभ्यर्थियों की ऑनलाइन काउंसलिंग कराकर नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके और चयनित अभ्यर्थी महाविद्यालयों में कार्यभार भी ग्रहण कर चुके हैं। लेकिन, कई अभ्यर्थी ऐसे भी थे, जिन्हें आयोग ने औपबंधिक रूप से चयनित किया था और उन्हें अपने अभिलेखों का सत्यापन कराने को कहा था।
कई अभ्यर्थियों ने अभिलेखों का सत्यापन नहीं कराया और ऐसे में उच्च शिक्षा निदेशालय ने संबंधित अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र जारी नहीं किए। औपबंधिक रूप से चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन काउंसलिंग में कॉलेज आवंटित हो चुके हैं, लेकिन नियुक्ति पत्र जारी न होने के कारण वे महाविद्यालयों में कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके हैं।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने ऐसे अभ्यर्थियों को एक अंतिम अवसर प्रदान किया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संस्कृत, सैन्य विज्ञान, गणित, कृषि वनस्पति, भौतिक विज्ञान, दर्शन शास्त्र, कृषि अभियंत्रण, कृषि अर्थशास्त्र, पादप रोग, कीट विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, उर्दू, वाणिज्य, मनोविज्ञान, प्राचीन इतिहास, कृषि सांख्यिकी, संगीत वादन, कृषि प्रसार, कृषि रसायन, उद्यानिकी, कृषि शस्य विज्ञान, प्राणी विज्ञान, रसायन विज्ञान, गृह विज्ञान, पशुपालन, दुग्ध विज्ञान, चित्रकला, अर्थशास्त्र, भूगोल, शारीरिक शिक्षा, अंग्रेजी, इतिहास, हिंदी एवं राजनीति विज्ञान विषय में चयनित अभ्यर्थी अपना औपबंधन समाप्त कराने के लिए यूपीएचईएससी में जरूरी अभिलेख सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करते हुए आवंटित महाविद्यालय में कार्यभार ग्रहण कर लें। अन्यथा वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।