स्कूलों में 20 साल बाद अस्थाई हैं कंप्यूटर शिक्षक

स्कूलों में 20 साल बाद अस्थाई हैं कंप्यूटर शिक्षक

 प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की तरफ से टीजीटी व पीजीटी में कम्प्यूटर के शिक्षकों के लिए पद नहीं विज्ञापित किए गए। इससे तमाम स्कूलों में अस्थाई तौर पर अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षक निराश हैं। शिवचरण दास कन्हैयालाल इंटर कॉलेज में स्व वित्त पोषित योजना के तहत तैनात कम्प्यूटर शिक्षक विश्वनाथ मिश्र ने बताया कि 2001 से वह कॉलेज में अध्यापन कर रहे हैं। अब तक न तो उन्हें स्थाई किया गया न चयन बोर्ड की तरफ से पद विज्ञापित किए गए, जिससे कि वह आवेदन कर सकें। अब सभी जगहों पर ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में कम्प्यूटर शिक्षकों की उपयोगिता बढ़ गई है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह केसर विद्यापीठ में भी 2001 से कम्प्यूटर की कक्षाएं चल रही हैं। वहां प्रबंधकीय अंश के तहत नियुक्त शिक्षक अनुभव श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक उन्हें निश्चित मानदेय पर ही रखा गया है। जबकि कोरोना काल में चलने वाली ऑनलाइन कक्षाओं में भी पूरे मनोयोग से अध्यापन कर रहे हैं।


विधान परिषद में उठा मुद्दा : जुलाई 2020 में विधान परिषद में भी यह मुद्दा उठा था। पूछा गया था कि प्रदेश के कितने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षक कार्य कर रहे हैं। कम्प्यूटर शिक्षा छात्रों को किसके द्वारा दी जा रही है। यह भी सवाल किया गया कि प्रदेश के कितने विद्यार्थी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में कम्प्यूटर की शिक्षा ले रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटर शिक्षकों की व्यवस्था क्या है।