बेसिक शिक्षा विभाग में बजट मिलने के बाद भी लेटलतीफी का बोलबाला, टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से स्कूली बच्चों को स्वेटर और जूते-मोजे मिलने में देरी

बेसिक शिक्षा विभाग में बजट मिलने के बाद भी लेटलतीफी का बोलबाला, टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से स्कूली बच्चों को स्वेटर और जूते-मोजे मिलने में देरी

 लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों को निशुल्क जूता-मोजा, स्कूल बैग और स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से समय पर बजट उपलब्ध कराने के बाद भी विद्यार्थियों को समय पर सामग्री उपलब्ध नहीं हो सकी है। स्कूल बैग के टेंडर की अभी तक कार्यवाही पूरी नहीं हुई है, वहीं जूते-मोजे के टेंडर पर हाल ही में कार्य आदेश जारी किया गया है।


सरकार ने परिषदीय स्कूलों के एक करोड़ 60 लाख विद्यार्थियों को स्कूल बैग और जूता-मोजा उपलब्ध कराने के लिए पांच सौ करोड़ का बजट दिया था। सरकार ने बच्चों को 31 अक्तूबर तक स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए भी समय पर बजट मुहैया करा दिया था, लेकिन महानिदेशालय स्तर पर निविदा प्रक्रिया को पूरा करने में हुए जूते मोजे के टेंडर में तकनीकी कारण से बिलंब हुआ है। स्वेटर वितरण शुरू हो गया है, नबंबर तक बंट जाएंगे। स्कूल बैग और जूते-मोजे स्कूल खुलने तक बच्चों को मिल जाएंगे। -विजय किरण आनंद, महानिदेशक स्कूल शिक्षा विलंब के कारण जूते-मोजे अभी तक स्कूलों में पहुंचे नहीं हैं। स्कूल बैग के टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. स्वेटर अब स्कूलों में पहुंचना शुरू हुआ है। इस महीने त्योहारों के अबकाश के कारण दिसंबर तक ही सभी विद्यार्थियों को स्वेटर मिल सकेंगे। ब्यूरो