नई दिल्ली। उच्च शिक्षण संस्थान अपने किसी शिक्षक से एक से अधिक संस्थानों में सेवा नहीं ले सकता। यदि कोई संस्थान ऐसा करता पाया जाता है तो फिर उसकी मान्यता रद्द करने से लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने राज्यों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को नियमों का उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सभी राज्य सरकारों, तकनीकी विश्वविद्यालय, राज्यपाल को इस संबंध में पत्र लिखा गया है।

नई दिल्ली। उच्च शिक्षण संस्थान अपने किसी शिक्षक से एक से अधिक संस्थानों में सेवा नहीं ले सकता। यदि कोई संस्थान ऐसा करता पाया जाता है तो फिर उसकी मान्यता रद्द करने से लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने राज्यों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को नियमों का उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सभी राज्य सरकारों, तकनीकी विश्वविद्यालय, राज्यपाल को इस संबंध में पत्र लिखा गया है।


 राज्यों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को लिखा पत्र, उल्लंघन पर मान्यता रद्द व अनुशासनात्मक कार्रवाई


एआईसीटीई का मानना है कि तकनीकी उच्च शिक्षण संस्थान पैसा बचाने के मकसद से शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता कर रहे है। कई संस्थान एक शिक्षक से अपने दो से अधिक कैंपस में सेवाएं ले रहे हैं । जबकि एक शिक्षक सिर्फ एक कैंपस में सेवाएं दे सकता है। छात्रों और शिक्षकों से ऐसी जानकारी मिलने पर लिखित शिकायत भेजने का आग्रह किया है। आईसीटीई भी तकनीकी संस्थानों में औचक निरीक्षण करेगा।