बच्चों के स्वेटर की जांच के लिए बनायी गयी कमेटी:- बड़े बच्चों को छोटी साइज का देने तथा गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद बनी कमेटी

बच्चों के स्वेटर की जांच के लिए बनायी गयी कमेटी:- बड़े बच्चों को छोटी साइज का देने तथा गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद बनी कमेटी

 प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को वितरित स्वेटर की जांच के लिए कमेटी बनायी गयी है। इस बार स्वेटर का वितरण जेम पोर्टल पर पंजीकृत कम्पनियों के जरिए किया गया है। लखनऊ में जिन तीन फर्मों को जिम्मेदारी दी गई है इसमें 40% अग्रवाल हैंडलूम इंडस्ट्रीज, 35% मिशन फेयर डील मैन्युफैक्चरिंग एंड मार्केटिंग तथा 25% उत्तम उद्योग मुम्बई को दी गई। स्वेटर का भौतिक सत्यापन करने तथा आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दिए गए स्वेटर में से अलग-अलग साइज के स्वेटर का रेंडम सैंपल एकत्रित करने के लिए जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर दी है। ग्रामीण क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनी है। इसमें ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता तथा खंड शिक्षा अधिकारी ग्रामीणों को सदस्य सचिव बनाया गया है। नगर क्षेत्र के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को अध्यक्ष तथा ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता व खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र को जिम्मेदारी दी गई है। समिति अलग अलग साइज के स्वेटर का सैंपल लेगी।

Primary ka master

बड़े बच्चों को छोटी साइज का देने तथा गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद बनी कमेटी

बड़े बच्चों को छोटी साइज के स्वेटर दिए जाने तथा गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद कमेटी गठित की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने भी सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पूर्व में ही गुणवत्ता तथा साइज नाप कर ही स्वेटर वितरित करने का निर्देश दिया था।